यमुनानगर (एकता): हरियाणा में वैसे तो कई धार्मिक स्थल हैं, लेकिन हर किसी का अपना खास महत्व है। हर धार्मिक स्थलों में अपने-अपने गहरे राज छिपे हुए हैं। ये देखने में काफी खूबसूरत हैं। यह भक्तों की अपने आराध्य देव में आस्था ही होती है जो उन्हें मंदिरों और धार्मिक स्थलों का जिक्र आते ही नतमस्तक कर देती है। हरियाणा में भी अनेक धार्मिक स्थल और मंदिर बने हुए हैं जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। ऐसा ही एक धार्मिक स्थल हरियाणा के यमुनानगर में स्थित है।

इस धार्मिक स्थल का नाम आदि बद्री केदारनाथ है। यहां आदिबद्री और मंत्रा देवी मंदिर है। मीडिया सूत्रों के अनुसार कई भक्तों का कहना है कि हिमालय में तपस्या करने से पूर्व भगवान विष्णु ने सिंधुवन में सरस्वती नदी के उद्गम स्थल पर तप किया था। इसीलिए इस स्थान को आदि बद्री नाम से जाना जाता है। यमुनानगर की सीमा रेखा पर स्थित मंत्रा देवी के मंदिर में भी हर श्रद्धालु बड़ी आस्था है। आदिबद्री का यह खूबसूरत नजारा हर किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।

बता दें कि इस धार्मिक स्थल के गोमुख से निकलता पानी सरस्वती नदी का हिस्सा है। कहा जाता है कि 2 हजार फीट ऊंचे पहाड़ की चोटी पर माता मंत्रा देवी मंदिर भगवान केदारनाथ मंदिर के रूप में प्रदेश की पहचान है। लोग दूर-दूर से इस मंदिर को देखने के लिए आते हैं। यमुनानगर-जगाधरी से बिलासपुर, रणजीतपुर होते हुए काठगढ़ गांव से छोटी बड़ी मनमोहक पर्वत मालाओं को पार कर चार किमी पैदल पर्वत श्रृंखला नाहन, सरौठा जमदाग्नि धूना रेणुका एवं हिमाचल की अनेक श्रृंखलाओं का विहंगम दृश्य देखते हैं।







