अंबाला (एकता): अंबाला से सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रतन लाल कटारिया के निधन के बाद हरियाणा में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। बता दें कि रतनलाल कटारिया ने अपने करियर में काफी उतरा-चढ़ाव देखा। आज वो अपनी मेहनत से ही इस मुकाम पर पहुंचे थे। उन्होंने काफी छोटी उम्र में ही अपने करियर की शुरुआत कर ली थी। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते थे। वह पंचकूला के मनसा देवी कंपलेक्स में रहते थे। आज हम आपको उनके करियर के बारे में कुछ बातें बतानेे जा रहे हैं।

19 दिसंबर 1951 को यमुनानगर के गांव संधाली में हुआ जन्म
मीडिया सूत्रों के अनुसार रतनलाल कटारिया का जन्म 19 दिसंबर 1951 को यमुनानगर के गांव संधाली में हुआ। बता दें कि कटारिया ने कैंट के SD कॉलेज से BA ऑनर्स करने के बाद कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस और LLB की पढ़ाई की। 50 सालों से ज्यादा समय तक वह RSS से जुड़े रहे। इतना ही नहीं वह हरिजन कल्याण निगम के अध्यक्ष और गुरु रविदास सभा के अध्यक्ष भी रहे। बात करें उनके राजनीतिक सफर की तो वो साल 1980 में उन्होंने शुरू किया था। वह पहली बार बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष बने थे।

जानिए उनका राजनीतिक सफर
करीब 39 साल के अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव (विस) 1982 में रादौर से लड़ा था लेकिन वह उस चुनाव में हार गए थे। इसके बाद 1987 में रादौर से दूसरी बार विस चुनाव लड़ा। 1991 में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा। 1996 की वह चेयरमैन रहे। 1999 में वे पहली बार सांसद चुने गए। बता दें कि उन्होंने अपनी जीवन में काफी तरक्की की। 2001 से 2003 तक रतनलाल कटारिया बीजेपी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रहे। खास बात यह है कि साल 2019 में उन्होंने अंबाला संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को 3,42,345 वोटों से हराया। आखिर 24 महीने सात दिनों तक मंत्री पद पर रहने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। 13 साल की उम्र में बाल कलाकार के रूप में प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी से सम्मानित हुए थे।

चंडीगढ़ के पीजीआई में ली अंतिम सांस
अंबाला से सांसद रतन लाल कटारिया चंडीगढ़ के पीजीआई में भर्ती थे। गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद हरियाणा में शोक की लहर छाई हुई है। गुरुवरा को उनका पार्थिव शरीर पंचकूला आवास पर रखवाया जाएगा। मनोहर लाल ने ट्वीट कर कहा ‘पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं अंबाला से सांसद रतन लाल कटारिया के निधन से मन अत्यंत दुःखी है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।








