अंबाला (अंकुर कपूर): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता और प्रदेश प्रभारी सुशील गुप्ता की उपस्थिति में आप नेत्री चित्रा सरवारा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर धरनास्थल पर बैठे कुश्ती-खिलाड़ियों को समर्थन दिया। उन्होंने खिलाड़ियों की मांगों और धरने का पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि न्याय के लिए तीन महीने बाद फिर से खिलाड़ियों को सड़कों पर उतरना पड़ा। जिन बेटियों ने देश को मेडल दिलाए, सम्मान बढ़ाया, आज वो अपने मान-सम्मान की लड़ाई के लिए देश में सड़कों पर सो रही हैं और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि वे खुद एक नेशनल स्तर की खिलाड़ी रही हैं। उन्हें पता है कि यहां तक पहुंचने के लिए कितना संघर्ष खिलाड़ियों और उनके परिवारों को करना पड़ता होगा। आज देश को जीत की ऊंचाईयों पर ले जाने वाली बेटियां खुद सड़कों पर न्याय के लिए धक्के खा रही है, ये हम सब के लिए शर्म की बात है। ये वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने खून-पसीना बहा कर मैट पर दुनिया को झुका दिया है, वो इस लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की और धन्यवाद करते हुए चित्रा ने कहा कि बड़े दुख की बात है।
चित्रा ने मांग की है कि जल्द एफआईआर दर्ज हो और सीबीआई जांच हो। चित्रा ने कहा कि खिलाड़ी किसी जाति, धर्म, प्रदेश या राजनीतिक पार्टी के नहीं होते। वो इस देश की मिट्टी से बने होते हैं। चित्रा ने कहा कि पिछले 4 ओलंपिक में सबसे ज्यादा मेडल हमारे पहलवानों ने जीते हैं, जिनमें महिला पहलवानों का बराबर का योगदान रहा। खिलाड़ियों के संबंध में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद पीटी उषा की टिप्पणी को निराशाजनक और दुखद करार करते हुए चित्रा ने कहा कि एक पूर्व महिला खिलाड़ी से ये शब्द आपेक्षित नहीं थे।







