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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने NDRI के 19वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियां, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

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करनाल (अंकुर कपूर): राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) डीम्ड यूनिवर्सिटी करनाल के 19वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर ने शिरकत की। मीडिया सूत्रों के अनुसार सोमवार को राष्ट्रपति के साथ-साथ हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कई केंद्रीय मंत्री व राज्य के मंत्रियों ने इस समारोह में भाग लिया। राष्ट्रपति ने सोमवार को राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के 19वें दीक्षांत समारोह में 544 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।

इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि आप राष्ट्र की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें और डेयरी उद्योग में रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ उद्यमी अवश्य बनें। इस क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं और आपको इन संभावनाओं का लाभ उठाना चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। भारत का विश्व के दूध उत्पादन में लगभग 22 प्रतिशत का योगदान है। डेयरी सेक्टर का देश की जीडीपी में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान है तथा डेयरी उद्योग से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 8 करोड़ परिवारों को आजीविका प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग के प्रबंधन में नारी शक्ति अहम भूमिका निभा रही है। डेयरी सेक्टर में 70 प्रतिशत से अधिक भागीदारी महिलाओं की है। यह प्रसन्नता का विषय है कि आज डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में एक तिहाई से अधिक लड़कियां हैं और गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में भी 50 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। डेयरी सेक्टर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में और उनकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने में खास महत्व रखता है।

राष्ट्रपति ने हरियाणा के खान-पान और खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि हरियाणा के बच्चे खेलों में प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे हैं। सेनाओं में प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। यह दर्शाता है कि दूध-दही का खाना यो म्हारा हरियाणा इस प्रदेश की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत में गाय और भैंस की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं। कुछ नस्लें दूसरी नस्ल की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक दूध देने की क्षमता रखती हैं। एनडीआरआई द्वारा दूध देने वाली गाय और भैंस का क्लोन बनाने की तकनीक विकसित की गई है, यह सराहनीय बात है। उन्होंने कहा कि एनडीआरआई ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए विभिन्न तकनीकों को बढ़ावा दे रहा है। साथ ही बायोगैस उत्पादन जैसी क्लीन एनर्जी पर भी बल दे रहा है।

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