चरखी दादरी (अंकुर कपूर): हरियाणा के चरखी दादरी में खौफनाक घटना सामने आई है, जहां परिवार के प्रताड़ना से तंग आकर एक बुजुर्ग पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ खाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। मीडिया सूत्रों के अनुसार मृतक पति-पत्नी के शव के पास एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें लिखा है कि मेरे बेटों के पास 30 करोड़ की संपत्ति है, लेकिन हमारे पास देने के लिए दो रोटी नहीं है। मृतक बुजुर्ग का पोता आईएएस अधिकारी है। बता दें कि घटना के बाद पुलिस ने उसके एक बेटे, दो दामाद और एक भतीजे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक पति-पत्नी दोनों मूल रूप से गांव गोपी के रहने वाले हैं और बाढडा में अपने बेटे के साथ रह रहे थे। इस दौरान उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को कॉल की। पुलिस ने घर पहुंचकर जांच की और फिर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। सुसाइड नोट में जगदीश चंद्र ने लिखा कि- मैं अपने छोटे बेटे के साथ रहता था। 6 साल पहले उसकी मौत हो गई। कुछ दिनों तक उसकी पत्नी उसे रोटी देती रही, लेकिन बाद में वह गलत धंधा करने लगी। अपने भतीजे को अपने साथ ले आई। जब मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया। क्योंकि मेरे जीते जी ये दोनों गलत नहीं कर सकते थे।

मैं दो साल अनाथालय में रहा और जब मैं वापस आया तो घर पर ताला लगा था। इस दौरान मेरी पत्नी को लकवा मार गया और हम अपने दूसरे बेटे के साथ रहने लगे। अब उन्होंने भी रखने से मना कर दिया। यह मीठा जहर कितने दिनों तक पीया जाएगा, इसलिए मैंने सल्फास की एक गोली खा ली। मेरी मौत की वजह मेरी दो बहु, एक बेटा और एक भतीजा है। जितना जुल्म इन चारों ने मुझ पर किया, उतना कोई बच्चा अपने मां-बाप पर न करें। उसने कहा कि सरकार व समाज उन्हें सजा दे। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। मेरी सारी संपत्ति आर्य समाज को दे दो।







