कुरुक्षेत्र (अंकुर कपूर): माघ के महीने में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं और यह नए साल की पहली अमावस्या है। इस बार यह अमावस्या 21 जनवरी शनिवार को आई है, इसलिए इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं। कहते हैं कि इस योग में शनि के उपाय करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस बार 20 साल बाद मौनी अमावस्या के दिन शनि का योग बना है।
इस साल की पहली शनिश्चरी अमावस्या और मौनी अमावस्या पर ब्रह्मसरोवर पर श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा-अर्चना की। बता दें कि आज विशेष योग बना है और इसका बड़ा महत्व माना जाता है। आज के दिन हरिद्वार और धर्मक्षेत्र में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करके अपने पितरों के प्रति पिंडदान कर रहे हैं। आज के दिन प्रातःकाल स्नान नदी, सरोवर या पवित्र कुंड में स्नान करें। अगर संभव न हो ता नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दिन व्रत रखकर जहां तक संभव हो मौन रहना चाहिए। आज के दिन गरीब और भूखे व्यक्ति को भोजन कराना चाहिए। आज के दिन दान का भी विशेष महत्व होता है। अनाज, वस्त्र, तिल, आंवला, कंबल, पलंग, घी और गाय के लिए भोजन का दान करना चाहिए। इस दिन पितरों का तर्पण जरूर करें। इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।







