भिवानी (अंकुर कपूर): पिछले लगभग 15 सालों से हर वर्ष अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक साल के लिए एक्सटेंशन देकर बच्चों के दाखिला व पेपर देने की सैद्धांतिक मंजूरी राज्य सरकार द्वारा दे दी जाती है। अबकी बार प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जब उनकी एक्सटेंशन की मांग ना माने जाने को लेकर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तालाबंदी की घोषणा की गई। वहीं राज्य सरकार ने एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर एक साल एक्टेंशन तथा अस्थायी मान्यता को स्थायी मान्यता देने के मुद्दों पर सैद्धांतिक मंजूरी देने की बात एसोसिएशन ने कही है। इसी को लेकर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामवअतार शर्मा ने भिवानी में पत्रकार वार्ता आयोजित कर इस समस्या के समाधान होने की बात कही है।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने बताया कि एक्सटेंशन नहीं मिलने की दशा में 1200 स्कूलों के लाखों बच्चें प्रभावित होने थे। विशेषकर हरियाणा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से बातचीत कर एक साल एक्टेंशन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि एक साल के एक्सटैंशन का लेटर एक-दो दिन में जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा आने वाले समय में एसोसिएशन स्कूल बस में पैसेंजर टैक्स के मुद्दे को भी उठाएगी।
गौरतलब है कि निजी स्कूलों को जो निर्धारित नॉर्म पूरा नही करते है, उन्हें एक वर्ष एक साल के लिए नियमों में छूट देकर बच्चों को पढ़ाने व उन्हे परीक्षा देने की इजाजत दे दी जाती है। यह सिलसिला लगभग 15 सालों से चल रहा है। प्राइवेट स्कूल हर वर्ष सरकार पर दबाव बनाकर अपनी मांगें मनवा लेते है। ऐसे में शिक्षा के वास्तवितक उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में सरकार के कदम किसी तरफ बढ़ेंगे, यह आने वाले भविष्य में ही तय हो पाएगा।







