अंबाला (अंकुर कपूर): ई-टेंडरिंग व राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच 2 दिन से बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। हालांकि सरपंचों ने दोनों जगह तालाबंदी नहीं की लेकिन सरपंच सुबह 11:00 से 2:00 तक धरना दे रहे हैं। सरपंच नेता पंचायतों में कोई भी रेजुलेशन ना डालने की अपील कर रहे हैं। 2 दिन से धरना दे रहे किसानों के पास पुलिस अधिकारियों के अलावा कोई भी प्रशासनिक अधिकारी बात करने नहीं पहुंचा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए सरपंचों ने बताया कि पहले विकास कार्यों का पैसा सरपंच के पास आता था जिससे प्रक्रिया के तहत अधिकारियों की देखरेख में खर्च किया जाता था। ई-टेंडरिंग के तहत पंचायतों में काम ठेकेदार करेगा जिसके चलते वे टेंडर प्रक्रिया के तहत काम लेने की होड़ में माइनस में काम करेगा। जब ठेकेदार कम पैसे में काम करेगा तो पारदर्शिता नहीं होगी और भ्रष्टाचार बढ़ेगा यही नहीं पंचायतों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। सरपंचों का कहना है कि जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती तब तक धरना देंगे। प्रदेश कमेटी आगामी रणनीति तय करेगी।







