यमुनानगर (अंकुर कपूर): बर्फीली ठंड में जहां लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हैं तो वहीं कला अध्यापक पिछले 7 दिन से कड़कड़ाती ठंड में अपनी नौकरी पाने के लिए बैठे हुए हैं। इसी टेंट में पुरुषों के साथ महिलाएं भी अपने बच्चों के साथ बैठी हुई हैं। 13 जनवरी को कोर्ट में अब सुनवाई है। ऐसे में इन कला अध्यापकों की सरकार से अपील है कि सरकार अपना सकारात्मक पक्ष रखें।
यमुनानगर के लघु सचिवालय के बाहर कला अध्यापकों का प्रदर्शन लगातार जारी है। रात में घटते पारे में यह कला अध्यापक सरकार जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सरकार से विनम्र अपील कर रहे हैं कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा को मान्य किया जाए। इनका कहना है कि यदि सभी कोर्स जो कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से करवाए जा रहे हैं सभी कोर्स और डिग्री मान्य होते हैं। 613 कला अध्यापक हैं जोके मेरिट होल्डर हैं।
उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है और वह सरकार से यही अपील करते हैं कि सरकार अपना सकारात्मक पक्ष रखें। क्योंकि इससे पहले भी कुरक्षेत्र यूनिवर्सिटी में भी एक कमेटी बनाकर इस कोर्स को मान्य किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को ईमानदार बताते हुए कहा कि यह सभी हरियाणा के युवा है और सभी ने मेरिट में आकर टेस्ट को क्वालीफाई किया है। इसलिए अबे हाथ जोड़कर विनम्र अपील करते हैं कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार अपना सकारात्मक पक्ष रखें।







