अंबाला (अंकुर कपूर): स्वच्छता अभियान का नारा देने वाली भाजपा सरकार के लिए हरियाणा के अंबाला में मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। अंबाला में सफाई व्यवस्था एक बार फिर चरमराती हुई नजर आ रही है। लाखों घरों व दुकानों से कूड़ा उठना बंद हो चुका है। सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरुआत की थी। जिसका अंबाला में टेंडर खत्म हो चुका है। इसके लिए नगर निगम ने ना ही टेंडर को दोबारा बढ़ाया और ना ही लोगों के लिए कोई दूसरी व्यवस्था की। अब आम जनता के घरों के डस्टबिन में कूड़े का ढेर लग चुका है।
उधर नगर निगम अभी अधिकारियों से बैठक करके फैसला लेगी कि टेंडर किसे दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वालों का रोजगार छीन चुका है। इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों से कोई भी कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से डस्टबिन में कूड़े का ढेर लगा हुआ है और न ही निगम की तरफ से कोई जगह बताई गई। जहां लोग कूड़ा फेंक सकें।
घर में कूड़े के ढेर की वजह से बिमारियों का भी डर बना हुआ है। जब इस मामले पर कूड़ा कलेक्शन के कर्मचारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि 13 दिन पहले टेंडर खत्म हो चुका है लेकिन अभी तक टेंडर को बढ़ाया नहीं गया। जिसकी वजह से मजबूरन कूड़ा उठाना बंद करना पड़ा। इसकी वजह से 350 बेरोजगार हो चुके हैं। नगर निगम के अधिकारी को लेटर भी लिखा है लेकिन कोई जवाब नहीं आया है।
नगर निगम कमिश्नर से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बतया कि नवंबर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर खत्म हो चूका है। इसके लिए हेड केवेटर से बात की गई है। लेकिन कूड़ा उठान का कोई भी अलग विकल्प नगर निगम कमिश्नर भी नहीं बता पाए। फिलहाल एक आश्वाशन दिया गया है कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा।







