भिवानी (अंकुर कपूर): भिवानी के बडेसरा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर 16 नवंबर को दनादन गोलियां दागकर महेन्द्र के हत्यारे शार्प शूटर मनोज उर्फ गंजू को सीआईए-टू पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि इस खूनी संघर्ष में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है।
बता दें कि बडेसरा गांव में ये खूनी संघर्ष साल 2017 में शुरू हुआ था। तत्कालीन सरपंच सुदेश की 10वीं कक्षा की मार्कशीट RTI (Right to Information) के तहत फर्जी मिली थी। जिसके बाद सरपंच सुदेव व उसके पति बबलू की जेल हो गई। इसके बाद RTI लगाने वाले बलजीत व बब्लू गुट में खूनी संघर्ष शुरू हो गया। शुरूआत में बलजीत समेत उसके गुट के एक-एक कर चार साल में पांच लोगों को मौत के घाट उतारा गया।
2017 बलजीत उसके चाचा भले व ताऊ महेन्द्र की हत्या की। फिर बलजीत गुट के ही पूर्व सरपंच पवन को साल 2019 में गोली मारकर मौत के घाट उतारा। साल 2020 में बलजीत के ताऊ के घर के बाहर गोली मार कर हत्या की। अब बलजीत गुट ने 16 नवंबर को बबलू गुट के महेन्द्र व अजीत को निशाना बनाया, जिसमें महेन्द्र की मौत हो चुकी है और अजीत उपचाराधीन है। अब तक दोनों गुटों के 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसी 16 नवंबर को बजेसरा गांव में फिर से खूनी खेल हुआ। गांव बजेसरा में शाम को बाइस सवार तीन युवकों ने महेन्द्र व अजीत पर दर्जनों गोलियां दागी। जिसमें महेन्द्र की तीन गोली लगने से मौके पर मौत हो गई और 8 गोलियों से छलनी अजीत का इलाज चल रहा है। भिवानी एसपी अजीत सिंह शेखावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ये केस सीआईए-टू पुलिस को सौंपा। जिस पर कार्यवाही करते हुए सब इंस्पेक्टर अशोक मलिक ने महेन्द्र के हत्यारे शार्प शूटर मनोज उर्फ गंजू को गिरफ्तार किया है।
सब इंस्पेक्टर सुमीत ने बताया कि बडेसरा गांव में दो पक्षों में सरपंच चुनावों को लेकर रंजिश चल रही है। जिसको लेकर लगातार हत्याकांड हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी शूटर निवासी सिलक का साथी और तीसरे शूटर की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सिलक व तीसरे शूटर की तलाश जारी है। हैरानी की बात ये है कि ये खूनी संघर्ष थमने की बजाय लगातार जारी है।







