हांसी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मुठभेड़ में शहीद हुए निशांत मलिक का पार्थिव शरीर शनिवार को हिसार के हांसी के आदर्श नगर स्थित घर पहुंचा। यहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ढंढेरी में ले जाया जाएगा। जहां निशांत मलिक का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

ढाई साल पहले ही भारतीय सेना में हुआ था भर्ती
बता दें कि निशांत हरियाणा का रहने वाला है। वह जुलाई में अपनी छुट्टी पूरी करके वापस ड्यूटी पर गए थे। वह करीब ढाई साल पहले ही भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उनकी पोस्टिंग राजौरी में थी।
तीन बहनों का इकलौता भाई था
शहीद निशांत तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शहादत की खबर मिलते ही गांव शोक में डूब गया। गश्त के दौरान आतंकियों द्वारा उनके कैंप पर हमला कर दिया गया। जिसमें निशांत आतंकियों का मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। निशांत के पिता जयवीर भी आर्मी से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। निशांत के पिता कारगिल युद्ध में गोली लगने से घायल हो गए थे।








