रेवाड़ी: हरियाणा में साल 2021 में कोरोना जैसी गंभीर महामारी ने एक ओर जहां हजारों जिंदगियां निगल ली तो वहीं दूसरी ओर इसी के चलते शिक्षा में हुए भारी फर्जीवाड़े ने सभी को चौंका दिया है। दरअसल कोविड काल के दौरान हरियाणा में दसवीं ओर बारहवीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था जिसके बाद दसवीं की मार्कशीट के आधार पर हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने बच्चों को स्कूलों में ग्यारहवीं कक्षा में दाखिले की अनुमति दे दी थी। लेकिन कुछ निजी व सरकारी स्कूलों ने दसवीं की मार्कशीट जांचे बिना ही उन्हें स्कूलों में दाखिला दे दिया। जब बारहवीं कक्षा के परिणाम घोषित हुए तो पता चला कि प्रदेश के 92 स्कूलों के 129 छात्रों की दसवीं की मार्कशीट फर्जी पाई गई, जिसके बाद हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए स्पष्ट कर दिया कि उन्हें बारहवी पास की मान्यता नहीं दी जाएगी।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड के सचिव ने एडीजीपी क्राइम पंचकुला को लिखित शिकायत देकर अवगत करवाया जिसके बाद थाना कोसली में भी जिला रेवाडी के आधा दर्जन सरकारी और निजी स्कूलों के खिलाफ जिनमें 19 बच्चों की मार्कशीट फर्जी मिली। मामला दर्ज किया गया अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसका कहना है कि जो भी दोषी मिलेगा नियमानुसार कार्यवाही होगी।







