कैथल (अंकुर कपूर): कैथल में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई करने का मामला सामने आया है। दरअसल सहारनपुर में चल रहे भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को काबू किया है। वहीं पुलिस को शिकायत देकर पांच आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
जानकारी के मुताबिक गुरुग्राम के स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना मिली थी कि कैथल निवासी मनीष गुरुग्राम से गर्भवती महिलाओं को उत्तर प्रदेश में ले जाकर भ्रूण जांच करवाने का काम करता है। स्वास्थ्य विभाग ने उक्त व्यक्ति से संपर्क किया तो आरोपी ने इस काम के लिए ₹50 हजार तत्काल और ₹10 हजार जांच वाले दिन देने को कहा। इसके बाद गुरुग्राम के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी खाते से आरोपी के खाते में ₹50 हजार की राशि ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद गुरुग्राम और कैथल स्वास्थ्य विभाग ने हरसोला निवासी एक महिला को डम्मी ग्राहक बनाया।
मनीष ने डम्मी ग्राहक को अजय आरोपी बलबीर नाम के व्यक्ति से मिलवाया जो डम्मी ग्राहक को सहारनपुर लेकर गया। सहारनपुर के पंजाबी बाग में स्कूटी पर एक लड़का आया जो उक्त महिला को तंग गलियों से होते हुए एक मकान पर लेकर गया जहां पर एक घर में ले जाकर अल्ट्रासाउंड किया गया। दोनों टीमें महिला का पीछा करती रही लेकिन तंग गलियों के कारण वहां से लड़का और महिला आंखों से ओझल हो गए। इसी बीच बलबीर ने फोन कर सूचित किया कि महिला को कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया है।
बलबीर से पूछताछ करने पर पता चला कि इस मामले में कैथल निवासी संदीप भी शामिल है और कैथल पहुंचकर टीम ने आरोपी संदीप को भी काबू किया गया। पुलिस को शिकायत दी गई कि पुलिस ने बलबीर, संदीप, मनीष, स्कूटी पर महिला को सहारनपुर में ले जाने वाले किशोर तथा मकान मालिक सुभाष के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की है।







