अम्बाला : चन्द्रिका ( TSN)- यू तो देशभर में कई मंदिर है और सबकी अपनी अपनी कई मान्यताएं है. ऐसा ही अंबाला के प्राचीन हाथीखाना मंदिर से भी लोगो की आस्था जुड़ी है और कहा जाता है की हर साल शिवरात्रि पर मंदिर में बने शिवलिंग पर खुद नाग नागिन का जोड़ा भगवान से आशीर्वाद लेने आता है. कई लोगो ने इसे देखा भी है।हर साल की भांति इस बार भी शिवरात्रि की तैयारिया मंदिर में जोरो शोरो पर है और दूर दराज से लोग भगवान शिव की आराधना करने यहां आते है।
शिवरात्रि पर अंबाला छावनी स्तिथ प्राचीन हाथीखाना मंदिर की अपनी ही एक अलग मान्यता है। कहा जाता है की हर साल शिवरात्रि के दिन मंदिर में भोले के शिवलिंग पर माथा टेकने खुद नाग नागिन का जोड़ा आता है, जो भी भक्त यहां पूरी श्रद्धा से मांगते है वो जरूर पूरा होता हैं। शिवरात्री से पहले मंदिर प्रांगण में तैयारियां जोरो पर है. भक्तो के लिए कतारों की व्यवस्था की जा रही है, वही मंदिर को रंग बिरंगी चुनरियों और लाइटों से सजाया जा रहा है. महंत मनमोहनदास ने बताया की 8 मार्च को शिवरात्रि है और इस दिन को धूमधाम से मनाने के लिए तैयार है, और अंबाला का सबसे प्राचीन मंदिर है हाथीखाना इसमें हर साल शिवरात्रि पर मंदिर में बने शिवलिंग पर नाग नागिन का जोड़ा भगवान का आशीर्वाद लेने आता है। मंदिर में रोजाना की तरह माथा टेकने आए भक्तो ने बताया की इस मंदिर में सभी की मनोकामना पूरी होती है और अंबाला का सबसे पुराना मंदिर है. इसमें जो भी अधूरी इच्छा लेकर आता है भोले बाबा की कृपा से उसकी इच्छा पूरी होती है और इस बार शिवरात्रि का उन्हे काफी उत्साह है।







