अंबाला-:उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (URMU) के अंबाला मंडल कार्यालय में नवरात्रि के पावन अवसर पर हवन और भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया।इस कार्यक्रम में रेलवे कर्मचारियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।हवन के बाद भंडारे का आयोजन हुआ,जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया।इस अवसर पर URMU के राष्ट्रीय महासचिव बी.सी.शर्मा भी विशेष रूप से दिल्ली से अंबाला पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने रेलवे कर्मचारियों को दिए गए दिवाली बोनस पर असंतोष जताया और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम में अंबाला मंडल सचिव मनमीत सिंह और मंडल अध्यक्ष नीतीश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के रेलवे कर्मचारी मौजूद रहे। आयोजन के दौरान संगठन की एकता,आपसी भाईचारे और सहयोग का संदेश दिया गया।यूनियन पदाधिकारियों ने कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई।मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय महासचिव बी.सी. शर्मा ने कहा कि रेलवे द्वारा 78 दिनों का बोनस घोषित किया गया है, लेकिन इस पर सीलिंग लगाए जाने के कारण कर्मचारियों को वास्तविक रूप से 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बोनस की गणना कर्मचारियों के वेतन के आधार पर होनी चाहिए। उनके मुताबिक, रेलवे द्वारा सभी कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस दिए जाने का दावा वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता।
बी.सी.शर्मा ने कोरोना महामारी के दौरान रेलवे कर्मचारियों की सेवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कोरोना काल में साढ़े तीन हजार से अधिक रेलवे कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई,लेकिन उनके परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिला।उन्होंने कहा कि यूनियन ने मृत कर्मचारियों के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी।इसके अलावा,बी.सी. शर्मा ने वेतन आयोग के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की।उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उनके हित में उचित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।







