अंबाला (अंकुर कपूर)। मौसम में बदलाव के साथ अंबाला जिले में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में अब तक मलेरिया के आठ मामले सामने आ चुके हैं, जबकि डेंगू का भी एक मरीज मिला है। इनमें कुछ मरीज उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए बचाव और रोकथाम के लिए अभियान तेज कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लारवा चेकिंग अभियान चला रही हैं। लोगों को मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नगर निगम को प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों की सतर्कता बेहद जरूरी है। विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि घरों के अंदर और आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, छतों और अन्य ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें, जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें संभावित मरीजों पर भी नजर रख रही हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि यदि लगातार बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें और तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं। खासकर डेंगू और मलेरिया के लक्षणों को देखते हुए समय पर जांच और उपचार कराने पर जोर दिया जा रहा है।
अंबाला में फिलहाल मलेरिया के आठ और डेंगू के एक मामले की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विभाग का प्रयास है कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें समय रहते खत्म किया जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें और पानी को लंबे समय तक जमा न होने दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
डिप्टी सीएमओ संजीव सिंगला ने लोगों से सतर्क रहने और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार रोकथाम संबंधी कार्रवाई की जा रही है।







