यमुनानगर | हथनीकुंड बैराज में शाम ट्रेनिंग के दौरान मोटर बोट पलटने के बाद लापता हुए दो कमांडो की तलाश जारी है। हादसे को करीब 14 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन दोनों जवानों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तर प्रदेश से पहुंची पीएसी की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
बचाव अभियान के दौरान दो हेलिकॉप्टरों की मदद से पश्चिमी यमुना नहर, हथनीकुंड बैराज और आसपास के क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जा रही है। बैराज के गेटों के आसपास, तेज बहाव वाले हिस्सों और नहर के किनारों पर भी टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। पानी के तेज बहाव को देखते हुए लापता कमांडो के बहकर आगे जाने की आशंका के मद्देनजर नहर के दूर तक के हिस्सों में भी खोजबीन की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, शाम पैराट्रूप यूनिट के जवान ट्रेनिंग अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मोटर बोट बैराज के डेंजर जोन में पलट गई। नाव में सवार तीन कमांडो किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि दो जवान पानी में लापता हो गए। हादसे के तुरंत बाद दोनों की तलाश शुरू कर दी गई थी।
रातभर चले अभियान में सेना के जवानों के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तर प्रदेश से आई पीएसी की टीमों ने बैराज और नहर क्षेत्र में तलाशी ली। अंधेरा होने के बावजूद रात करीब दो बजे तक बचाव दल अभियान में जुटे रहे। हेलिकॉप्टरों के जरिए भी पानी के बहाव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी गई।
बैराज के गेटों के आसपास पानी का तेज खिंचाव होने के कारण बचाव दल विशेष सावधानी के साथ तलाशी अभियान चला रहे हैं। नहर के किनारों और पानी के बहाव की दिशा में भी जवानों को तैनात किया गया है।
बताया जा रहा है कि लापता दोनों कमांडो में से एक महाराष्ट्र और दूसरा जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। छछरौली के एसडीएम जसपाल गिल ने मंगलवार को दोनों जवानों के लापता होने की पुष्टि की थी। हालांकि, सेना की ओर से अभी तक दोनों कमांडो के संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हादसे के बाद से लगातार जारी सर्च ऑपरेशन को 14 घंटे से अधिक समय हो चुका है। बुधवार सुबह भी सेना और विभिन्न बचाव एजेंसियों की टीमें पश्चिमी यमुना नहर और हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। फिलहाल दोनों लापता कमांडो की तलाश में अभियान जारी है।







