करनाल | निलंबित एसई गीतू राम तंवर की आत्महत्या के मामले में बिजली निगम के एमडी समेत 14 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई उनकी पत्नी प्रीति तंवर की शिकायत के आधार पर की है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। प्रशासन ने परिवार को यह भी भरोसा दिलाया है कि गीतू राम तंवर से जुड़े सेवानिवृत्ति लाभ और भत्ते 10 दिन के भीतर दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव कुमार के आश्वासन के बाद परिवार ने मौत के करीब 34 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया। मॉडल टाउन शिवपुरी में बेटे स्वास्तिक और बेटी नीति ने पिता को मुखाग्नि दी।
दिनभर प्रशासनिक अधिकारी परिवार और समाज के लोगों को समझाने में जुटे रहे। परिजन आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। दोपहर में डीएसपी राजीव कुमार, शुगर मिल की एमडी अदिति और बाद में एडीसी राहुल रईया परिवार से मिलने पहुंचे। डीएसपी ने परिवार को एफआईआर में 14 नाम शामिल किए जाने की प्रति सौंपी।
इसके बाद भी परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। अधिकारियों ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। एडीसी ने एसआईटी गठित करने और 10 दिन में सेवानिवृत्ति से संबंधित वित्तीय लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब चार बजे परिवार ने मेडिकल कॉलेज के शवगृह से शव लिया और करीब पांच बजे अंतिम संस्कार किया गया।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे घर से कुछ दूरी पर निलंबित एसई गीतू राम तंवर का शव उनकी कार में मिला था। पुलिस को कार से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। इसमें उन्होंने बिजली निगम के एमडी समेत कई अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।
गीतू राम तंवर कुछ समय पहले जाट-झोटा संबंधी टिप्पणी के एक वीडियो के वायरल होने के बाद विवादों में आए थे। इसके बाद बिजली निगम ने 2 अप्रैल को उन्हें निलंबित कर दिया था।
आईपीएस, डीएसपी और उप निरीक्षक को सौंपी गई जांच
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एडीसी राहुल रईया के अनुसार, एसआईटी में आईपीएस रविंद्र, महिला डीएसपी मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संदीप कुमार को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
पत्नी की शिकायत पर 14 लोग नामजद
गीतू राम तंवर की पत्नी प्रीति की शिकायत पर उत्तर हरियाणा बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह समेत 14 लोगों को एफआईआर में नामजद किया गया है। इनमें एक्सईएन रणबीर देशवाल, एक्सईएन अश्वनी कौशिक, एसडीओ सतीश गोयत, एसडीओ प्रदीप कुमार, एसई मनिंद्र सिंह, अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर, एक्सईएन राज सिंह, एसडीओ आशीष महल और एसडीओ रुपेश के अलावा नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया शामिल हैं।
सुसाइड नोट में 12 लोगों के नाम का जिक्र
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में एमडी आईएएस विक्रम सिंह, एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक और राज सिंह के अलावा एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल और रूपेश के नाम लिखे थे। इसके साथ ही एसई मनिंदर सिंह, धर्म सुहाग, अजय कोहर और अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर का भी उल्लेख था।
परिवार का आरोप था कि शिकायत में नाम दिए जाने के बावजूद शुरुआती एफआईआर में संबंधित लोगों को नामजद नहीं किया गया। बाद में पत्नी की शिकायत और सुसाइड नोट में सामने आए तथ्यों के आधार पर एफआईआर में 14 नाम शामिल किए गए।
दो नाम नहीं जोड़े गए, चार नए नाम शामिल
परिवार के अनुसार, सुसाइड नोट में एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम का उल्लेख था, जबकि पत्नी की शिकायत में नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया के नाम दिए गए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इन नामों को एफआईआर में शामिल किया है।
डीएसपी राजीव कुमार ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है या परिवार की ओर से कोई और नाम दिया जाता है, तो उसे भी जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा।
भाई बोले- कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग
गीतू राम तंवर के भाई राजकुमार कटारिया ने कहा कि परिवार की मांग पर एसआईटी गठित कर दी गई है। इसमें आईपीएस, डीएसपी और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पत्नी की शिकायत में दिए गए नाम भी एफआईआर में शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने गीतू तंवर के सेवानिवृत्ति से जुड़े वित्तीय लाभ और अन्य देय राशि 10 दिन के भीतर परिवार को दिलाने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि गीतू तंवर ने अपने अंतिम नोट में भी कानून और संविधान के तहत न्याय और कार्रवाई की मांग की थी।
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर में 14 नाम शामिल किए गए हैं। एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी। विभागीय कार्रवाई और सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित प्रक्रिया के लिए बिजली निगम के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।







