अंबाला (अंकुर कपूर)। पंजोखरा साहिब विवाद के बाद दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम करने के मामले में हिरासत में लिए गए सिख युवाओं की रिहाई का सिलसिला जारी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ सिख संगत की बैठक के बाद युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने और उन्हें चरणबद्ध तरीके से रिहा करने का आश्वासन दिया गया था। इसी कड़ी में एक और सिख युवक जेल से बाहर आया। उसकी रिहाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में सिख संगत उसे लेने के लिए पहुंची।
जेल से बाहर आने के बाद युवक को सबसे पहले गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब ले जाया गया, जहां उसने गुरु घर में माथा टेका और अरदास कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान संगत ने उसका स्वागत किया। युवाओं की रिहाई को लेकर सिख संगत लगातार सरकार के संपर्क में है और मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद बाकी युवाओं की रिहाई की उम्मीद जताई जा रही है।
पंजोखरा साहिब विवाद के बाद सिख संगत ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर हाईवे को खाली करवाया था। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने कई सिख युवाओं को हिरासत में लिया था।
हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सिख संगत ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से मामलों को रद्द करने और युवाओं को चरणबद्ध तरीके से जेल से बाहर लाने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद अब एक-एक कर युवाओं की रिहाई शुरू हो गई है।
इसी बीच हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने गुरसिमरन सिंह मंड को एक बार फिर चेतावनी दी है। झिंडा ने कहा कि गुरसिमरन सिंह मंड की ओर से पत्र भेजकर माफी मांगने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक माफी नहीं मांगी गई है। उन्होंने कहा कि शुकराना अरदास से पहले गुरसिमरन सिंह मंड को माफी मांग लेनी चाहिए।
जगदीश सिंह झिंडा ने चेतावनी दी कि यदि गुरसिमरन सिंह मंड ने समय रहते माफी नहीं मांगी तो सिख संगत इस मामले में बड़ा फैसला ले सकती है। फिलहाल पंजोखरा साहिब विवाद से जुड़े मामले में संगत की नजर सरकार की ओर से किए गए आश्वासन के तहत बाकी युवाओं की रिहाई और मामलों को रद्द करने की कार्रवाई पर बनी हुई है।







