बहादुरगढ़। सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज गलत संपत्तियों ने बहादुरगढ़ के गरीब और श्रमिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई ऐसे लोगों के नाम परिवार पहचान पत्र में एक से लेकर 13 तक प्लाटों की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज हो गई हैं, जबकि उनके पास खुद की जमीन या मकान तक नहीं है। संपत्ति दर्ज होने के कारण कई परिवार बीपीएल सूची से बाहर हो गए और उन्हें सरकारी राशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया। अब प्रभावित लोग रिकॉर्ड ठीक करवाने के लिए एसडीएम कार्यालय और नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं।
आर्य नगर निवासी ईश्वर भी ऐसे ही प्रभावित लोगों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से रेवाड़ी से हैं और बहादुरगढ़ में किराये की जगह पर मिट्टी के सकोरे और अन्य बर्तन बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी और बेटी हैं। उनके पास खुद का कोई प्लाट नहीं है। पहले उनका बीपीएल कार्ड बना हुआ था, जिसके जरिए उन्हें हर महीने राशन और तेल मिल जाता था।
ईश्वर के अनुसार, कुछ दिन पहले जब वह राशन डिपो पर पहुंचे तो पता चला कि उनका नाम बीपीएल सूची से हटा दिया गया है। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच करवाई तो पता चला कि परिवार पहचान पत्र में उनके नाम 13 अलग-अलग प्लाटों की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज है। इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में एक बेटे का नाम भी दर्ज है, जबकि उनका कहना है कि उनका कोई बेटा नहीं है। गलत तरीके से दर्ज संपत्ति के कारण उनकी बीपीएल पात्रता प्रभावित हुई और सरकारी सुविधाएं बंद हो गईं।
ईश्वर का मामला अकेला नहीं है। बहादुरगढ़ शहर में करीब 30 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें गरीब, श्रमिक और किराये पर रहने वाले लोगों की फैमिली आईडी में एक से लेकर 13 तक प्लाटों की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज मिली है। कई प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके पास न तो अपनी जमीन है और न ही अपना मकान, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें कई संपत्तियों का मालिक दिखा दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह मामला नगर परिषद की ओर से कुछ महीने पहले चलाए गए प्रॉपर्टी आईडी सेल्फ सर्टिफिकेशन अभियान से जुड़ा है। बहादुरगढ़ में करीब 87 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं, जिनमें से अब तक लगभग 40 हजार का सेल्फ सर्टिफिकेशन किया जा चुका है। आरोप है कि कुछ मामलों में कर्मचारियों ने घर-घर जाकर संपत्तियों का वास्तविक सत्यापन करने के बजाय फैमिली आईडी में दर्ज नाम और मोबाइल नंबर के आधार पर प्रॉपर्टी आईडी का सत्यापन कर दिया।
आरोप यह भी है कि एक ही नाम से कई प्रॉपर्टी आईडी मिलने पर फैमिली आईडी में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगवाकर एक ही व्यक्ति के नाम पर कई संपत्तियां प्रमाणित कर दी गईं। इस प्रक्रिया में वास्तविक संपत्ति मालिक और संबंधित परिवार की जानकारी का सही तरीके से मिलान नहीं हो सका। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ा, जिनके नाम गलती से ऐसी संपत्तियां दर्ज हो गईं।
बहादुरगढ़ में पिछले करीब तीन महीनों के दौरान लगभग 653 परिवार बीपीएल सूची से बाहर हुए हैं। इनमें संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड के मामले भी शामिल हैं। नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्र में परिवार पहचान पत्र में 200 वर्ग गज या उससे अधिक क्षेत्रफल का प्लाट दर्ज होने पर परिवार बीपीएल श्रेणी से बाहर हो सकता है। ऐसे में गलत प्रॉपर्टी आईडी दर्ज होने से पात्र परिवारों के सामने राशन और दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ खोने का संकट खड़ा हो गया है।
जटिया मोहल्ला निवासी सुनीता ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं और उनके पास रहने के लिए भी अपना मकान नहीं है। इसके बावजूद उनकी फैमिली आईडी में सात प्लाटों की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज हो गई। इसी वजह से उनका नाम बीपीएल सूची से बाहर हो गया। उन्होंने प्रशासन से रिकॉर्ड दुरुस्त कर उनका नाम दोबारा बीपीएल सूची में शामिल करने की मांग की है।
बहादुरगढ़ निवासी सुमित्रा ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनकी फैमिली आईडी में आठ प्रॉपर्टी आईडी जुड़ गईं। इसे ठीक कराने के लिए उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि इसी रिकॉर्ड के आधार पर उनका गरीब परिवार वाला राशन कार्ड भी कट गया है।
वहीं श्रमिक सुनील का कहना है कि वह किराये के मकान में रहते हैं और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। इसके बावजूद उनके नाम आठ प्लाटों की प्रॉपर्टी आईडी दर्ज कर दी गईं। उनका राशन कार्ड भी इसी वजह से प्रभावित हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द रिकॉर्ड ठीक करने की मांग की है।
नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला के अनुसार, सेल्फ सर्टिफिकेशन के दौरान संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के कारण इस तरह की गलतियां हुई हैं। लोगों की शिकायतें मिलने के बाद मामलों की जांच कराई जा रही है और गलत प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित डाटा को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि रिकॉर्ड में सुधार के बाद उन्हें दोबारा बीपीएल सूची और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।







