भिवानी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और एकजुटता का संदेश देने पहुंचे हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त के सामने ही पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। भिवानी के तिलक भवन में आयोजित जिलास्तरीय संवाद बैठक के दौरान पूर्व विधायक रामकिशन फौजी और बवानीखेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदीप नरवाल के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, नारेबाजी और हाथापाई की स्थिति बन गई। अचानक हुए हंगामे से बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रदेश प्रभारी को भी कुछ समय के लिए बोलने का मौका नहीं मिला।
दरअसल, कांग्रेस की ओर से तिलक भवन में जिलास्तरीय संवाद बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति पर चर्चा करना था। संजय दत्त बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन में एकजुट होकर काम करने की नसीहत दे रहे थे। इसी दौरान पार्टी के भीतर चल रहे पुराने मतभेद आरोप-प्रत्यारोप में बदल गए।
बैठक में प्रदीप नरवाल के समर्थकों ने पूर्व विधायक रामकिशन फौजी पर विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। नरवाल समर्थकों ने पार्टी हाईकमान से फौजी के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग तक उठा दी। उनके आरोपों के बाद बैठक में मौजूद फौजी समर्थक भी सामने आ गए और उन्होंने इसका विरोध किया।
रामकिशन फौजी के समर्थकों का आरोप था कि बैठक में उनके नेता को अपनी बात रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना था कि बवानीखेड़ा विधानसभा सीट से बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिए जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी और इसका असर चुनाव परिणाम पर भी पड़ा। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज होती चली गई।
देखते ही देखते दोनों गुटों के समर्थक एक-दूसरे के सामने आ गए। नारेबाजी और तीखी कहासुनी के बाद स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। प्रदेश प्रभारी संजय दत्त और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुए इस हंगामे ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया। बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त का दौरा ऐसे समय में हुआ, जब कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। बैठक में कार्यकर्ताओं को जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक मजबूती से आवाज उठाने और संगठन को एकजुट रखने का संदेश दिया जाना था, लेकिन आपसी विवाद के कारण बैठक का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह बदल गया।
प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम ने हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, बैठक के दौरान हुए विवाद को लेकर पार्टी की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि हाईकमान इस विवाद और एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों को लेकर क्या रुख अपनाता है।







