करनाल (राकेश कुमार शर्मा)। जिला सचिवालय स्थित एसडीएम कार्यालय में मंगलवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। करीब सुबह सात बजे लगी आग ने देखते ही देखते कार्यालय के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
आग इतनी तेज थी कि कार्यालय के अंदर रखा फर्नीचर, कंप्यूटर, कुर्सियां, सोफे, खिड़की-दरवाजे और अन्य सामान जलकर राख हो गया। सबसे अधिक चिंता महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों और रिकॉर्ड के नष्ट होने को लेकर है। आग की चपेट में आने से कई फाइलें पूरी तरह जल गईं, जबकि कुछ रिकॉर्ड आग से बच गए, लेकिन दमकल कर्मियों द्वारा आग बुझाने के दौरान डाले गए पानी से भीगने के कारण खराब हो गए।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कार्यालय की खिड़कियों से बाहर निकलकर पहली मंजिल तक भी पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। आग बुझने के बाद कार्यालय के अंदर कई जगह तबाही का मंजर दिखाई दिया। कंप्यूटर सिस्टम, फर्नीचर और अन्य कार्यालय सामग्री बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिली।
गनीमत रही कि मंगलवार को अवकाश होने के कारण कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग की सूचना मिलने के बाद जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा और एसडीएम देवेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान का जायजा लिया।
एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह करीब आठ बजे कार्यालय में आग लगने की सूचना मिली थी। उनके मौके पर पहुंचने तक दमकल विभाग आग पर काबू पा चुका था। उन्होंने बताया कि आग से फाइलों, कंप्यूटर, कुर्सियों, सोफों और अन्य कार्यालय सामग्री को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितनी फाइलें और कौन-कौन से सरकारी रिकॉर्ड आग में नष्ट हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि आग के वास्तविक कारणों और कुल नुकसान की स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही जिला सचिवालय में आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। इस दौरान आग और अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस, दमकल तथा अन्य विभागों की तैयारियों का परीक्षण किया गया था। इसके कुछ ही दिन बाद एसडीएम कार्यालय में वास्तविक आग लगने की घटना ने सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, समय रहते सूचना मिलने और दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से आग को और अधिक फैलने से रोक लिया गया। अब संबंधित विभाग आग लगने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं।







