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नूंह जाने से पहले बिट्टू बजरंगी हाउस अरेस्ट, जलाभिषेक की नहीं मिली अनुमति

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सुंदर कुंडू , फरीदाबाद/नूंह। नूंह हिंसा मामले के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी को सोमवार को पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। बिट्टू बजरंगी नूंह स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। एहतियात के तौर पर रविवार देर रात से ही पुलिस बल उनके घर के बाहर तैनात कर दिया गया था और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनावपूर्ण स्थिति को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने नूंह जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती हुई है। इसी के तहत बिट्टू बजरंगी को नूंह जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें घर पर ही रहने के निर्देश दिए गए।

गौरतलब है कि 31 जुलाई 2023 को नूंह में नल्हड़ महादेव मंदिर जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी। दो समुदायों के बीच हुए टकराव में पथराव, आगजनी और फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई थी, जिनमें दो होमगार्ड जवान भी शामिल थे। घटना के बाद पुलिस ने 100 से अधिक मामले दर्ज किए थे और कुल 595 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बिट्टू बजरंगी का नाम भी इस मामले में सामने आया था।

हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद बिट्टू बजरंगी ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करने का अधिकार है, लेकिन उन्हें नूंह में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे वह कोई आतंकवादी हों। उन्होंने दावा किया कि रविवार रात करीब 11 बजे से ही पुलिस उनके घर पहुंच गई थी और तब से उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा।

बिट्टू बजरंगी ने इस दौरान राजनीतिक टिप्पणी करते हुए फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के प्रति प्रशासन का रवैया अलग है, जबकि उन्हें बार-बार नूंह जाने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है और प्रशासन को सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।

हालांकि पुलिस और प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी फैसले केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल नूंह और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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