यमुनानगर । हरियाणा में सब-ब्रांच खोलने और मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान राजस्थान के जयपुर जिले के मांडाभीम सिंह क्षेत्र निवासी गीता रानी के रूप में हुई है, जो श्री लाइफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की निदेशक बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में शहर यमुनानगर थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच अधिकारी पीएसआई खुशबीर सिंह ने बताया कि आरोपी महिला को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में गीता रानी के अलावा सूरज कुमावत, राकेश कुमावत, मनोज कुमार कुमावत, माया और मंजू को भी आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2023 में उसके मोबाइल पर एक संदेश आया था। संदेश में दिए गए लिंक पर संपर्क करने के बाद उसकी बातचीत माया और मंजू नामक महिलाओं से हुई। आरोप है कि दोनों ने उसे कम समय में अधिक कमाई और आकर्षक लाभ का सपना दिखाया। बाद में उसकी बातचीत कंपनी से जुड़े अन्य लोगों से कराई गई, जिन्होंने खुद को श्री लाइफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया।
आरोपियों ने दावा किया कि उनकी कंपनी सेविंग अकाउंट, आरडी और एफडी जैसी वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है तथा उनके साथ जुड़ने पर भारी लाभ और महंगे उपहार मिल सकते हैं। साथ ही हरियाणा में कंपनी की सब-ब्रांच खोलने का प्रस्ताव देकर उससे 37,800 रुपये जमा करवा लिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने उसे एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया, प्रशिक्षण दिया और ईमेल के माध्यम से आईडी-पासवर्ड जारी कर शाखा संचालन का अधिकार देने का दावा किया। इसके बाद उसे लोगों के खाते खुलवाने और वित्तीय लेनदेन कराने के लिए प्रेरित किया गया।
मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके माध्यम से कई खातों में लेनदेन हुआ, जिनमें एक जमीन सौदे से जुड़ी करीब 55 लाख रुपये की राशि भी शामिल थी। बाद में जब उसने सॉफ्टवेयर के जरिए रकम निकालने का प्रयास किया तो तकनीकी खराबी और सर्वर एरर का हवाला देकर उसे टाल दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने कंपनी कार्यालय पहुंचकर अपनी राशि वापस मांगी तो उसे केवल करीब 14.5 लाख रुपये लौटाए गए, जबकि 41.98 लाख रुपये की रकम वापस नहीं की गई। आरोपियों ने शेष राशि के बदले चार चेक दिए, लेकिन बैंक में जमा कराने पर सभी चेक बाउंस हो गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी और उससे जुड़े कुछ आरोपियों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। एक आरोपी सूरज कुमावत को महाराष्ट्र पुलिस पहले ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।







