गुरुग्राम , अनुज पांचाल | गुरुग्राम में पुलिस अधिकारी बनकर रौब झाड़ने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पत्नी के शोरूम की बिजली दोबारा चालू कराने के लिए एक व्यक्ति ने खुद को हिमाचल प्रदेश पुलिस का एसपी बताकर गुरुग्राम पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के चलते आरोपी की साजिश ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, थाना डीएलएफ सेक्टर-29 के एसएचओ के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय हिमाचल प्रदेश पुलिस के एसपी चंदन सिंह के रूप में दिया और गुरुग्राम के मेगा मॉल स्थित एक शोरूम की बिजली तत्काल बहाल कराने के निर्देश देने लगा। आरोपी ने अपनी बात मनवाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और डीजीपी स्तर के अधिकारियों का हवाला देकर दबाव बनाने की भी कोशिश की।
फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर थाना प्रभारी ने मामले की सत्यता जांचने के लिए तुरंत पुलिस टीम को मेगा मॉल भेजा। मौके पर जांच के दौरान पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने पाया कि कॉल करने वाला कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि दक्षिण दिल्ली के नेब सराय निवासी 51 वर्षीय करण कुमार सकूजा है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मेगा मॉल में उसकी पत्नी का शोरूम है, जिसकी बिजली मॉल प्रबंधन ने किसी कारणवश काट दी थी। बिजली जल्द शुरू करवाने और पत्नी के सामने प्रभाव जमाने के उद्देश्य से उसने खुद को हिमाचल प्रदेश पुलिस का एसपी बताकर पुलिस अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की।
मामले का खुलासा होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी करण कुमार सकूजा के खिलाफ थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे 25 जुलाई को ही गिरफ्तार कर लिया।
एसीपी नवीन शर्मा ने कहा कि सरकारी पद और पहचान का दुरुपयोग कर प्रशासन को गुमराह करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम का गलत इस्तेमाल करने या फर्जी पहचान बनाकर दबाव बनाने का प्रयास कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







