हरियाणा : चन्द्रिका ( TSN)- हरियाणा में प्राण वायु देवता योजना के तहत अब पेड़ो के सरक्षण के लिए पेंशन मिलेगी ,पहले चरण में हरियाणा में 3810 ऐसे पेड़ो को शामिल किया गया है जिनको यह पेंशन मिलेगी। ऐसे में पेड़ो को पैशन देना वाला हरियाणा पहला राज्य बना है । बता दें कि करनाल में 120 पेड़ इसमें शामिल है। यह वो पेड़ है जिनकी उम्र 75 वर्ष से ऊपर मानी गई है।इन सभी पेड़ो को 2750 रुपए सालाना पैशन देगी। ये पैंशन उस व्यक्ति,संस्था या फिर पंचायत को मिलेगी जिस के पास उस जमीन का हक होगा जिस जमीन में यह पेड़ होगे।जनता सरकार के इस फैसले की सराहना कर रही है लोगो का मानना है की इस योजना के बाद अब पेड़ो का सरक्षण में सुधार होगा।
ग्रामीणों ने की सरकार के इस फैसले की सराहना
वहीं करनाल के गांव रंभा के ग्रामीण सरकार के इस फैसले की सराहना कर रहे है ,ग्रामीण रघुविंदर सिंह इन पेड़ों को उनके गांव का मान मानते है ,बिल्कुल उस तरह जिस तरह घर के बजुर्ग होते है।पेड़ ऑक्सीजन के साथ साथ प्रदूषण कम करने में भी सहायक है ।सरकार के द्वारा मिलने वाली पेंशन से इन पेड़ों की देख रेख में सुधार होगा।उनके अनुसार यह पेड़ आजादी के समय से है । गांव शामगढ़ के लोग भी इस फैसले के बाद खुश है इस गांव में इन पेड़ों के नीचे लोग अक्सर बैठते है और कुछ लोगो की छोटी छोटी दुकानें भी इन पेड़ों के नीचे है ।गांव के खेल ग्राउंड में खड़ा बरगद का पेड़ वहा खेल रहे बच्चो को छाव देने का काम करता है। यहां के लोगो का कहना है की इन पेड़ों की उम्र 80 वर्ष से ऊपर की है ।
पेड़ों के सरक्षण में सुधार के लिए काम भी शुरू
करनाल के शामगढ़ में पंचायत द्वारा इस योजना के बाद पेड़ों के सरक्षण में सुधार के लिए काम भी शुरू हो चुका है वहा की पंचायत द्वारा पेड़ो के चबूतरे तैयार किए जा रहे है । गांव के पंचायत मेंबर का कहना है की इस योजना के बाद पंचायत द्वारा पेड़ो के लिए काम शुरू कर दिया गया है उनके गांव में करीब 5 पेड़ ऐसे है जिन्हे इस योजना में शामिल किया गया है ,पंचायत द्वारा गांव के दूसरे पुराने पेड़ो के लिए भी आवेदन किया गया है ।उनका कहना है की सरकार को आगे जाकर इस पेंशन राशि में वृद्धि करनी चाहिए।गई रंभा के पंचायत मेंबर गुरप्रीत सिंह का कहना है की उनके गांव में ये पेड़ आजादी के समय से है और ग्रामीणों के लिए इन पेड़ों का बहुत सम्मान है जब भी कोई त्योहार होता है तब इन पेड़ों पर ग्रामीणों द्वारा दिए भी जलाए जाते है।
3810 पेड़ो की लगाई जाएगी पेंशन
जिला वन के अधिकारी ने बताया कि पुराने पेड़ साझा विरासत का हिस्सा हैं और ये जीवन के लिए ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत हैं। ऐसे पेड़ जीवन के लिए बहुत जरूरी है, जिन्हें संरक्षित करने की जरूरत है। साथ ही पुराने पेड़ों की देखभाल करने वाले मालिकों को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा ताकि और लोगों को भी ऑक्सीजन देने वाले पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने सभी जिलावासियों से भी अपील की है कि वे ऐसे विरासत वृक्षों की तलाश करें और पेंशन के लिए आवेदन करें। पेड़ों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की यह अच्छी पहल है। इससे लोगों में पेड़ों को बचाने और पर्यावरण को संरक्षित रखने की प्रेरणा मिलेगी। हरियाणा में पहले चरण में 3810 पेड़ सामने आए है, जिनकी पेंशन लगाई गई है।इस योजना में शामिल पेड़ो की उम्र तय करने के लिए स्थानीय लोगो के साथ बातचीत के साथ साथ वन विभाग के लोगो टीमों का साथ लिया गया है।







