बलिंदर कुमार, कैथल। कैथल के गांव सजूमा में दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) ने बड़े स्तर पर राहत और निगरानी अभियान शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से गांव में दूषित पानी की वजह से लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आने के बाद विभाग ने पूरे गांव को चार जोन में विभाजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें तैनात कर दी हैं। विभाग का कहना है कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल ने बताया कि शिकायत मिलते ही विभाग की पूरी टीम को सक्रिय कर दिया गया। गांव के प्रत्येक घर से पानी के नमूने लिए जा रहे हैं और उनकी लगातार जांच की जा रही है। अब तक प्राप्त रिपोर्ट में पानी के सैंपल सामान्य पाए गए हैं। इसके साथ ही ओटी टेस्ट और क्लोरीनेशन की भी नियमित जांच की जा रही है ताकि पेयजल की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई जगह लोगों की लापरवाही भी सामने आई है। विभाग की टीम को अब तक करीब 70 ऐसे पानी के कनेक्शन मिले हैं, जिनकी पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त थीं और गंदी नालियों के संपर्क में थीं। इसी कारण दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी। इन सभी कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें ठीक करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
ग्रामीणों की मांग को देखते हुए गांव में एक नया पेयजल ट्यूबवेल भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा खराब पाइपलाइनों की मरम्मत के लिए तीन प्लंबरों की विशेष टीम गठित की गई है, जो घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शनों की जांच और मरम्मत कर रही है।
विभाग ने गांव के सरकारी स्कूल में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इस दौरान बच्चों और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, पानी को सुरक्षित रखने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
कार्यकारी अभियंता जगदीप दलाल ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के घर का पानी का कनेक्शन खराब है या दूषित पानी की समस्या है तो तुरंत विभाग या टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी। उन्होंने लोगों से अगले 10 से 15 दिनों तक एहतियात के तौर पर उबला हुआ या गर्म पानी पीने की सलाह भी दी।
उन्होंने कहा कि विभाग पूरी तरह ग्रामीणों के साथ खड़ा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गांव में पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।







