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गुरुग्राम में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेढ़ कनाल सरकारी जमीन से हटाए अवैध कब्जे

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गुरुग्राम। गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में वन विभाग ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। अभियान के दौरान विभाग ने करीब डेढ़ कनाल वन भूमि को कब्जामुक्त कराया। इस कार्रवाई में मस्जिद और चर्च की चारदीवारी के साथ एक निजी स्कूल के अवैध रूप से बने कमरों को भी हटाया गया।

वन विभाग की टीम ने वार्ड नंबर-12 स्थित वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित पक्षों को पहले ही कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद विभाग ने प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर से कार्रवाई की और सरकारी भूमि को अपने कब्जे में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान चर्च से जुड़े लोगों ने विभाग के पहुंचने से पहले ही चारदीवारी का एक हिस्सा स्वयं हटाना शुरू कर दिया था। वहीं, स्कूल संचालक ने भी कार्रवाई से पहले भवन की छत हटवा दी थी। इसके बावजूद वन विभाग ने स्कूल के अवैध रूप से बने कमरों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले संबंधित क्षेत्र में वन भूमि पर बने मस्जिद के अवैध निर्माण को भी स्थानीय स्तर पर स्वयं हटा दिया गया था।

अभियान की निगरानी ड्यूटी मजिस्ट्रेट आर.एस. बाठ ने की। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल और विभागीय अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, पूरे अभियान के दौरान किसी प्रकार का विरोध या अप्रिय स्थिति सामने नहीं आई।

वन विभाग के रेंज अधिकारी खजान सिंह ने बताया कि विभाग ने अवैध कब्जाधारियों को कई बार लिखित नोटिस जारी किए थे, लेकिन निर्माण नहीं हटाए गए। इसके चलते नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पहले चरण में वन भूमि को कब्जामुक्त कराने का कार्य पूरा कर लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, वन विभाग की भूमि पर बने अन्य आवासीय और व्यावसायिक भवनों को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि निर्धारित समय में कब्जे नहीं हटाए गए तो उनके खिलाफ भी जल्द बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट आर.एस. बाठ ने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में अब लोगों का सहयोग भी मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने के साथ लोग समझ रहे हैं कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा स्थायी नहीं रह सकता, इसलिए कई स्थानों पर लोग स्वयं भी निर्माण हटाने लगे हैं।

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