गन्नौर | गुरुग्राम में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शेखपुरा गांव के 25 वर्षीय उमंग बेनीवाल की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे ने उस परिवार की खुशियां छीन लीं, जो बेटे के उज्ज्वल भविष्य और नए कारोबार की शुरुआत का इंतजार कर रहा था।
उमंग अपने पिता सुरेंद्र बेनीवाल का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और परिवार की सारी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। वह एमए अंतिम वर्ष का छात्र था और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। साथ ही अपने ममेरे भाई राहुल गिल के साथ गुरुग्राम में एक निजी कंपनी की कैंटीन शुरू करने की तैयारी में जुटा हुआ था।
परिवार के अनुसार सोमवार को कैंटीन का उद्घाटन होना था, लेकिन उससे एक दिन पहले ही सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। उमंग की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उमंग के पिता सुरेंद्र बेनीवाल किसान हैं, लेकिन लंबे समय से बीमारी के चलते उन्होंने अपनी जमीन ठेके पर दे रखी है। ऐसे में परिवार को बेटे से काफी उम्मीदें थीं। बेटे की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है।
रविवार को गांव में गमगीन माहौल में उमंग का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और नम आंखों से युवक को अंतिम विदाई दी। गांव में दिनभर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा।







