हरियाणा | केरल और उत्तराखंड के बाद अब हरियाणा भी रोबोट टीचिंग टेक्नोलॉजी को अपना रहा है। सोनीपत स्थित स्वर्णप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल में अब बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का काम AI बेस्ड रोबोट टीचर कर रही है। स्कूल प्रशासन का दावा है कि यह हरियाणा का पहला स्कूल है, जहां क्लासरूम में ह्यूमनॉइड रोबोट टीचर पढ़ा रहे हैं।
बच्चों के सवालों का दे रही सटीक जवाब
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस रोबोट टीचर का नाम ‘आइरिस’ है। पहली बार क्लास में रोबोट से संवाद कर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। रोबोट उनके सवालों का जवाब तुरंत दे रही है, जिससे बच्चों को नई और रोचक अनुभव प्राप्त हो रहा है। स्कूल के वाइस प्रिंसिपल एसपी सिंह ने बताया कि “हालांकि यह इंसानी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकती, लेकिन यह बच्चों के लिए एक बेहतरीन लर्निंग टूल है।”
देश का पहला ह्यूमनॉइड रोबोट टीचर
‘आइरिस’ भारत की पहली AI ह्यूमनॉइड रोबोट टीचर है, जिसे केरल के तिरुवनंतपुरम में सबसे पहले एक स्कूल में लॉन्च किया गया था। इसे मेकरलैब्स एडुटेक के सहयोग से विकसित किया गया है। यह इंटरएक्टिव लर्निंग को और बेहतर बनाने के लिए डिजाइन की गई है, ताकि बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि और बढ़ाई जा सके।
उत्तराखंड में भी सरकारी स्कूल में रोबोट टीचिंग
इससे पहले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नेपाल सीमा से सटे जाजर चिंगरी गांव के सरकारी स्कूल में ‘इको’ नामक रोबोट टीचर को पढ़ाने के लिए तैनात किया गया था। यह पहल सरकारी स्कूलों में तकनीक के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
हरियाणा में रोबोट टीचर की यह शुरुआत न केवल तकनीकी उन्नयन का संकेत है, बल्कि राज्य में शिक्षा के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।







