चंडीगढ़ | हरियाणा में पूर्व विधायकों को लेकर राज्य सरकार एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में पूर्व विधायकों की पेंशन में विशेष यात्रा भत्ता के रूप में ₹10,000 प्रति माह की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है।
विशेष बात यह है कि यह लाभ अब उन विधायकों को भी मिलेगा जिनकी मासिक पेंशन ₹1 लाख से अधिक है। पहले तक यह सीमा निर्धारित थी, जिसे अब हटा दिया गया है।
विधानसभा कानून में संशोधन को मिली हरी झंडी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार के अनुसार, सरकार ने हरियाणा विधानसभा (सदस्यों का वेतन, भत्ते एवं पेंशन) अधिनियम, 1975 की धारा 7(सी) में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत अब सभी पूर्व विधायकों को, उनकी पेंशन राशि की सीमा से इतर, स्पेशल ट्रैवलिंग अलाउंस मिलेगा।
संभावना है कि यह प्रस्ताव आगामी हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में सदन में पेश कर कानून का रूप ले लेगा। हालांकि, सरकार चाहे तो इससे पहले भी इस संशोधन को राज्यपाल की मंजूरी से अध्यादेश के रूप में लागू कर सकती है।
2018 में हुआ था पूर्व विधायकों की पेंशन का वर्गीकरण
हेमंत कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 में हुए एक संशोधन के बाद पूर्व विधायकों को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया गया था:
- 1 जनवरी 2016 से पहले के पूर्व विधायकों की पेंशन दर यथावत रखी गई थी।
- जबकि 1 जनवरी 2016 के बाद के विधायकों के लिए नई व्यवस्था लागू हुई, जिसके तहत:
- एक कार्यकाल के लिए ₹50,000 मासिक मूल पेंशन तय की गई।
- अतिरिक्त कार्यकाल के लिए हर वर्ष ₹2,000 की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती है।
नई व्यवस्था पर उठे सवाल
राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब 2006 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है। ऐसे में पूर्व विधायकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ देने के फैसले पर विपक्ष और पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारियों की ओर से सवाल उठ सकते हैं।







