पंचकूला | हरियाणा के पंचकूला में देर रात हुई गोलीबारी की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी नगर निगम वार्ड-1 की पार्षद के देवर रतन लुबाना पर फायरिंग कर फरार हो रहे थे। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, घटना सेक्टर-5 स्थित एक लाउंज के बाहर रात करीब 12 बजे हुई। रतन लुबाना जैसे ही परिसर से बाहर निकले, बाइक पर सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में रतन लुबाना घायल हो गए। गोलीबारी के दौरान आसपास मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी सूचना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और विशेष जांच टीमें सक्रिय हो गईं। मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने तत्काल आरोपियों का पीछा शुरू किया और कंट्रोल रूम को सूचना दी।
इसके बाद पंचकूला पुलिस, क्राइम ब्रांच, डिटेक्टिव स्टाफ और अन्य विशेष इकाइयों ने यमुनानगर मार्ग पर नाकाबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटरों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल आरोपियों को पहले पंचकूला के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई रेफर किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी जसविंदर और होशियारपुर निवासी हरप्रीत के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में जसविंदर के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
मौके से और आरोपियों के कब्जे से दो अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों आरोपी संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि रतन लुबाना को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण था और वारदात की साजिश किस स्तर पर रची गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हमले के पीछे की पूरी साजिश, संभावित गैंग कनेक्शन और अन्य सहयोगियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।







