चंडीगढ़। हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बीते दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, वहीं हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। कई इलाकों में ओले गिरने से जमीन पर सफेद परत नजर आई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। विभाग ने अनुमान जताया है कि 3 और 4 अप्रैल को मौसम एक बार फिर बदलेगा और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की फसलों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कटाई के करीब पहुंच चुकी गेहूं की फसल ओलों से प्रभावित हुई है, जबकि सरसों की फलियां झड़ गई हैं। सब्जियों की बेलों और फूलों को भी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक करनाल में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं हिसार और नारनौल में रात का तापमान 16 से 17.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इंद्री सहित अन्य क्षेत्रों में भी तापमान करीब 15 डिग्री के आसपास बना रहा।
मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को सलाह दी है कि वे आगामी दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें।







