अंकुर कपूर, अंबाला | उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार जम्मू-कश्मीर के पंपोर के लिए निजी पार्टी के खाद्यान्न (चावल) का सफलतापूर्वक लदान किया है। यह पहल न केवल रेलवे की माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी कम लागत पर अपने उत्पाद दूरदराज के बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अंबाला मंडल लगातार व्यापारियों और उद्योग जगत को किफायती, सुरक्षित और समयबद्ध माल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसी रणनीति के तहत जम्मू-कश्मीर क्षेत्र तक माल परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिल सके।
अप्रैल से जून 2026 के दौरान अंबाला छावनी माल गोदाम से अनंतनाग के लिए जैविक खाद के सात वैगनों का सफल प्रेषण किया गया था। इसके अलावा एक वैगन चावल भी निजी पार्टी की ओर से अनंतनाग भेजा गया था। इन सेवाओं को व्यापारिक समुदाय से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिसके बाद अब पंपोर के लिए भी खाद्यान्न परिवहन की शुरुआत की गई है।
अंबाला छावनी माल गोदाम से पहली बार पंपोर के लिए चावल से भरे एक वैगन का लदान किया गया है। रेलवे का मानना है कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में खाद्यान्न की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक व्यापारी रेलवे की माल परिवहन सेवाओं से जुड़ेंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस एक वैगन के लदान से अंबाला मंडल को लगभग 64 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही यह व्यवस्था सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल साबित होगी।
अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह ने बताया कि मंडल नए माल यातायात स्रोत विकसित करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी व्यापारियों की जरूरतों के अनुरूप नई सुविधाएं विकसित की जाती रहेंगी, ताकि रेलवे माल परिवहन क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत कर सके।







