Chandigarh,14 December-:हरियाणा सरकार ने प्रदेश के बाजरा उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए भावान्तर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश का विकास संभव है।सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए बीजाई से लेकर फसल की बिक्री तक हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ी है।आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी,प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मुआवजा, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जैसी योजनाएं किसानों को संबल दे रही हैं।फसल खरीद का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को अपने सरकारी आवास संत कबीर कुटीर में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।उन्होंने बताया कि भावान्तर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को 380 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है,जिससे किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिल सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है।अब तक लगभग 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये सीधे जमा कराए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आपदा के समय भी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहती है।पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे के मुआवजे के रूप में किसानों को 15 हजार 728 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।मुख्यमंत्री ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से अपील की कि वे किसानों को सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए प्रेरित करें। इससे एक ओर जल संरक्षण होगा,वहीं दूसरी ओर खेती की लागत में कमी आएगी।उन्होंने कहा कि खेती को सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल शुरू किया गया है।इस पोर्टल के माध्यम से किसान न केवल अपनी फसल बेच सकते हैं,बल्कि खाद,बीज,ऋण और कृषि उपकरणों से जुड़ी सरकारी सहायता भी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए नई योजनाएं लागू करती रहेगी।







