Home Haryana दुष्यंत चौटाला के परिजनों की सुरक्षा हटाई, हरियाणा में बढ़ी सियासी गर्मी

दुष्यंत चौटाला के परिजनों की सुरक्षा हटाई, हरियाणा में बढ़ी सियासी गर्मी

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चंडीगढ़ |  हरियाणा सरकार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से जुड़े कई परिजनों और समर्थकों की सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उनके भाई दिग्विजय चौटाला, जीजा देवेंद्र कादियान और ससुर एवं पूर्व एडीजीपी परमजीत सिंह अहलावत को दी गई सुरक्षा वापस ले ली गई है। इसके साथ ही जींद रैली में ‘जेजेपी आएगी’ गीत गाकर सुर्खियों में आए हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया तथा युवा जेजेपी नेता विनेश गुर्जर की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई है।

बुलेट–थार विवाद से बढ़ी राजनीति

यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिनों पहले डीजीपी ओपी सिंह के “थार और बुलेट चलाने वालों का दिमाग घुमा होता है” वाले बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। उनके इस बयान के बाद दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और सुभाष बराला की बुलेट पर चलती तस्वीरें साझा करते हुए डीजीपी पर सवाल उठाए थे। दुष्यंत ने लिखा था— तो क्या ये भी?”

इसके बाद जींद रैली में दुष्यंत चौटाला ने थार से एंट्री लेकर माहौल और गरमाया। खास बात यह रही कि उन्होंने यह गाड़ी महिला ड्राइवर सुदेश सिवाच से चलवाई, जिसे राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया।

सुरक्षा हटाने पर उठे सवाल, पुलिस ने दी सफाई

पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा हटाने का फैसला एक नियमित समीक्षा के बाद किया गया है और इसे राजनीतिक बयानबाजी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, जेजेपी की ओर से इस कदम को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

डीजीपी ओपी सिंह का विवादित बयान बना चर्चा का केंद्र

हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह—जो 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इसी महीने रिटायर होने वाले हैं—ने गुरुग्राम में बयान दिया था कि पुलिस विशेष रूप से थार और बुलेट चलाने वालों पर नज़र रखेगी क्योंकि “अधिकांश अपराधी इन्हीं गाड़ियों पर घूमते हैं।”

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक एसीपी का बेटा समान वाहन चलाते हुए दुर्घटना में शामिल हुआ था, और इसी तरह के व्यवहार को “दादागिरी” बताया था।

ओपी सिंह का बैकग्राउंड फिर चर्चा में

ओपी सिंह पहले भी चर्चा में रहे हैं। हरियाणा में नशे के खिलाफ ‘राहगीरी’ अभियान शुरू करने का श्रेय उन्हें जाता है, जिसे बाद में राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर अपनाया। वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विशेष सलाहकार भी रह चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई भी हैं।

 

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