नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में राहतभरी खबर सामने आई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बताया है कि इस साल पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमी दर्ज की गई है।
आयोग के अनुसार, 15 सितंबर से 3 नवंबर 2025 के बीच पंजाब में 2,518 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4,132 मामले सामने आए थे। हरियाणा में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई, जहां यह संख्या 857 से घटकर सिर्फ 145 रह गई है।
सीएक्यूएम ने कहा कि पराली जलाने के मामलों में यह कमी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के रूप में भी झलक रही है। सोमवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 291 दर्ज किया गया, जो रविवार के 309 और शनिवार के 366 की तुलना में बेहतर है। इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में आ गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने पंजाब में 2,161 खेतों और हरियाणा में 121 खेतों का निरीक्षण किया है। इस दौरान पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में पंजाब में 52.75 लाख रुपये और हरियाणा में 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत पंजाब में 946 और हरियाणा में 42 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
वहीं, दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रदूषण-रोधी उपाय जारी हैं। ग्रैप का पहला चरण 14 अक्टूबर को और दूसरा चरण 19 अक्टूबर को लागू किया गया था। आयोग ने बताया कि वर्तमान में एनसीआर में 39 विशेष कार्रवाई चल रही हैं ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।







