चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने धमकी भरे कॉल्स को लेकर नई सुरक्षा पॉलिसी बनाई है। इसके तहत राज्य में किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त धमकी कॉल की शिकायत करने पर अब व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी। सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे स्थानीय एसपी और एसएचओ पर होगी।
राज्य के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि इस समीक्षा के पीछे मुख्य कारण यह है कि कई लोगों को वास्तविक खतरा नहीं है, बावजूद इसके लंबे समय से उनके लिए सुरक्षा तैनात है। वर्तमान में लगभग 1,000 पुलिसकर्मी ऐसे व्यक्तियों की सुरक्षा में लगे हुए हैं।
डीजीपी सिंह ने कहा, “कई बार धमकी कॉल नकली होती हैं। लोग बंदूकधारियों के साथ घूमते हैं, वीडियो बनाते हैं, और सोशल मीडिया पर दिखाते हैं। ऐसे में इन कॉल्स को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, लेकिन व्यक्तिगत सुरक्षा हमेशा प्रदान करना व्यावहारिक नहीं है।”
नई नीति के तहत यदि किसी को वास्तविक खतरा होगा तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय एसपी और एसएचओ की जिम्मेदारी होगी। दिल्ली पुलिस की तर्ज पर हरियाणा में भी यह पॉलिसी लागू की जा रही है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि धमकी भरे कॉल्स के मामलों में अब सुरक्षा की संख्या अपराधियों की संख्या से अधिक होगी, इसलिए व्यक्तिगत सुरक्षा पर निर्भरता समाप्त की जा रही है।







