सोनीपत | भारतीय सिनेमा के ही-मैन और सादगी के प्रतीक धर्मेंद्र के निधन की खबर ने देशभर के प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। हर ओर शोक की लहर है। सोनीपत में भी उनके एक विशेष प्रशंसक—पेंटर विनोद उर्फ धर्मेंद्र—गहरे सदमे में हैं, जो अभिनेता को सिर्फ स्टार नहीं बल्कि भगवान मानते थे।
धर्मेंद्र के प्रति विनोद की श्रद्धा अनोखी
पुरखास अड्डे पर पेंटर विनोद की दुकान मंगलवार को पूरे दिन शोक में बंद रही। शाम को दुकान खुली, लेकिन माहौल बेहद गमगीन था। विनोद के घर के मंदिर में देवी-देवताओं के साथ धर्मेंद्र की तस्वीर भी स्थापित है। उनकी दुकान पर धर्मेंद्र के 350 से अधिक पोस्टर लगे हैं, जो उनकी भक्ति को दर्शाते हैं।
विनोद बताते हैं कि वह वर्ष 2012 में पहली बार धर्मेंद्र से मिले थे। उसी मुलाकात में उनके बेटे का नामकरण खुद धर्मेंद्र ने किया और नाम रखा—हिमेंद्र। वर्ष 2015 में वे धर्मेंद्र पर आधारित एक एल्बम लेकर मुंबई गए। उस दिन धर्मेंद्र घर पर नहीं थे, लेकिन बॉबी देओल ने एल्बम देखी और उसी शाम धर्मेंद्र ने स्वयं विनोद और उनके साथियों को बुलाकर मुलाकात की।
“आज मेरे भगवान मुझे छोड़ गए” — विनोद की पीड़ा
धर्मेंद्र के निधन की खबर सुनते ही विनोद भावुक हो उठे। उन्होंने कहा, “आज मेरे भगवान मुझे छोड़कर चले गए… लेकिन वे हमेशा दिल में रहेंगे।”
सीमाओं से परे था ही-मैन का जलवा
धर्मेंद्र का भारतीय सिनेमा में योगदान अमिट है। उनकी लोकप्रियता देश से लेकर विदेशों तक फैली रही। दमदार संवाद, शानदार अभिनय और सादगी ने उन्हें करोड़ों दिलों का चहेता बनाया। उनके जाने से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके फैंस भी गहरे दुख में हैं।
सोनीपत के परम भक्त विनोद की आंखों में आंसू हैं, जबकि पूरे देश में उनके चाहने वाले इस महान कलाकार को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।







