हांसी | जिला प्रशासन ने ढाणी पुरिया गांव की सरपंच भतेरी देवी को फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आरोप में निलंबित कर दिया है। डीसी अनीश यादव ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किए।
क्या है मामला?
ढाणी पुरिया निवासी बजरंग ने जून 2024 में सरपंच भतेरी देवी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी आठवीं कक्षा की मार्कशीट फर्जी है। शिकायत के बाद डीसी के निर्देश पर पंचायती राज विभाग और जिला शिक्षा विभाग ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच में क्या मिला?
जांच टीम ने सरपंच और शिकायतकर्ता दोनों पक्षों को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया।
- सरपंच को कई नोटिस भेजे गए
- उनकी आठवीं कक्षा पास होने को लेकर 6 सामान्य प्रश्न पूछे गए
- अधिकारियों का दावा है कि सरपंच के जवाब संतोषजनक नहीं थे
सितंबर में भतेरी देवी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्होंने 1987-88 में हिसार के एक निजी स्कूल से मिडिल क्लास पास की थी। हालांकि, इसका पुख्ता सबूत पेश नहीं किया जा सका।
आखिरी सुनवाई में नहीं दे पाईं प्रमाण
10 नवंबर को सरपंच को अंतिम पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जहां भी वे अपना शैक्षणिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाईं। जांच समिति ने डीसी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी, जिसके बाद निलंबन आदेश जारी किए गए।
अब पंचायत कार्य कौन देखेगा?
निलंबन के बाद पंचायत से जुड़े सभी रिकॉर्ड और कार्य ग्राम पंचायत के बहुमत वाले पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।







