आगरा। ट्रांस यमुना थाने में तैनात मुंशी के सरकारी आवास से पर्स चोरी करने वाला आरोपी हरियाणा पुलिस का बर्खास्त सिपाही निकला। उसने पर्स से मिला डेबिट कार्ड और उस पर लिखे पिन की मदद से एटीएम से 45 हजार रुपये निकाल लिए। बाद में पर्स और उसमें रखे कागजात झरना नाले के पास फेंक दिए।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान वजीर सिंह, निवासी बम्बोलिया, थाना सालवास, जिला रेवाड़ी (हरियाणा) के रूप में की। टीम ने उसे हरियाणा के कोसली इलाके से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को हरियाणा पुलिस का सिपाही बताकर विभिन्न थानों में रुकता था और मौका मिलते ही चोरी की वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाता था।
कैसे हुई चोरी की वारदात
थाने में तैनात आरक्षी कुशल पाल चौधरी सात सितंबर की सुबह ड्यूटी खत्म कर आवास पर आराम करने गए थे। दोपहर में जागने पर उन्होंने देखा कि उनकी पैंट की जेब से पर्स और पांच हजार रुपये गायब हैं। मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी वजीर सिंह सीसीटीवी में कैद हुआ था।
हरियाणा पुलिस से बर्खास्त, कई राज्यों में कर चुका चोरी
एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि आरोपी वजीर सिंह वर्ष 2001 में प्रादेशिक सेना में भर्ती हुआ था, लेकिन 2006 में हटा दिया गया। 2007 में वह हरियाणा पुलिस में सिपाही बना, लेकिन भर्ती कराने के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलने के आरोप में 2017 में बर्खास्त कर दिया गया। उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज है।
थानों में सिपाही बनकर करता था ठगी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खाकी पैंट, काले जूते और हरियाणा पुलिस का नकली आईकार्ड लेकर थानों में जाता था। खुद को दबिश पर आए हरियाणा पुलिसकर्मी के रूप में पेश कर थाने की बैरक में ठहर जाता था। मौका पाकर पुलिसकर्मियों के पैसे और सामान चोरी कर लेता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से तीन हजार रुपये नकद, मुंशी कुशल पाल का आईकार्ड और अन्य कागजात बरामद किए हैं। उसने कई अन्य वारदातों में शामिल होने की बात भी स्वीकार की है।







