फतेहाबाद | जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया कदम उठाया है। जिले में अब ‘ऑन कॉल डॉक्टर सिस्टम’ लागू किया जा रहा है, जिसके तहत निजी विशेषज्ञ चिकित्सकों — एनेस्थेटिस्ट, पीडियाट्रिशियन और गायनाकोलॉजिस्ट — को आपात स्थिति में सरकारी अस्पतालों में बुलाया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत डॉक्टरों को प्रति केस आधार पर भुगतान किया जाएगा। फतेहाबाद से शुरू हुआ यह प्रयोग राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हमेशा से चुनौती रही है, वहां यह सिस्टम सीमित संसाधनों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टरों को बुलाने की यह व्यवस्था राज्य के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे की कमियों को भी उजागर करती है। यह कदम इस बात की ओर संकेत करता है कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है और मरीजों को समय पर इलाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह सिस्टम मरीजों की आपात चिकित्सा जरूरतों को तुरंत पूरा करने में मदद करेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।







