यमुनानगर। हथनीकुंड बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहरों में जल आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है। पश्चिमी यमुना नहर में यह रोक छठ पर्व के मद्देनजर लगाई गई है, जबकि पूर्वी यमुना नहर की सप्लाई सफाई और रखरखाव कार्य के चलते बंद की गई है। फिलहाल बैराज से पूरा जल प्रवाह यमुना नदी की ओर मोड़ दिया गया है। बुधवार शाम छह बजे यमुना में जल बहाव 7,000 क्यूसेक दर्ज किया गया।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 26 अक्तूबर तक यह व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छठ पर्व पर जल की कमी न आने पाए। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यमुना में पर्याप्त जल स्तर सुनिश्चित किया गया है।
छठ पर्व को प्राथमिकता
पश्चिमी यमुना नहर की क्षमता 17,000 क्यूसेक और पूर्वी यमुना नहर की क्षमता 4,500 क्यूसेक है। हालांकि फिलहाल दोनों नहरों की सप्लाई रोककर जल प्रवाह यमुना नदी की ओर बढ़ा दिया गया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग ने घाटों की सुरक्षा और जल प्रबंधन को लेकर विशेष निगरानी टीम तैनात कर दी है। मुख्य अर्घ्य के बाद नहरों की सप्लाई चरणबद्ध तरीके से फिर बहाल की जाएगी।
पूर्वी नहर में सफाई अभियान
पूर्वी यमुना नहर में सहारनपुर से बागपत तक लगभग 200 किलोमीटर क्षेत्र में सिल्ट सफाई और मरम्मत कार्य चल रहा है। इसी कारण उत्तर प्रदेश सरकार के आग्रह पर हथनीकुंड से सप्लाई रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने यह कहा
आर.एस. मित्तल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, यमुनानगर ने बताया: “छठ पर्व को देखते हुए पश्चिमी यमुना नहर की सप्लाई रोकी गई है, जबकि पूर्वी नहर पहले ही सफाई कार्य के लिए बंद है। घाटों पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
सी.बी. यादव, अधीक्षण अभियंता, सहारनपुर ने बताया: “सफाई अभियान के चलते पूर्वी यमुना नहर हथनीकुंड से बंद करवाई गई है। काम पूरा होने के बाद सप्लाई बहाल की जाएगी।”







