टोक्यो | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल ने जापान दौरे के पहले ही दिन बड़ा आर्थिक कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार ने जापान की अग्रणी कंपनियों के साथ छह समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत हरियाणा में 1185 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह साझेदारी “विकसित भारत, विकसित हरियाणा” के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
सीएम सैनी ने टोक्यो में एआईएसआईएन, एयर वाटर, टीएएसआई, नम्बू, डेंसो, सोजित्ज, निसिन, कावाकिन और टोप्पन जैसी शीर्ष जापानी कंपनियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों से राज्य में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज निवेश के लिए देश का सबसे विश्वसनीय केंद्र बन चुका है। राज्य में ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपकरण निर्माण और मेटल वर्किंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह यात्रा साबित करती है कि हरियाणा अब वैश्विक औद्योगिक नक्शे पर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।
जापान में गूंजा गीता का संदेश
मुख्यमंत्री सैनी ने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है, जिसमें कर्म, सत्य और कर्तव्य का ऐसा मार्ग बताया गया है जो आज भी मानवता के लिए प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से अब 40 देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं, और इस आयोजन ने दोनों देशों की साझी विरासत को और मजबूत किया है।
जापान में गूंजा गीता का यह शाश्वत संदेश हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को नए आयाम दे रहा है। मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, डॉ. अमित अग्रवाल (उद्योग विभाग), डॉ. यश गर्ग (एमडी, एचएसआईआईडीसी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।







