गुरुग्राम, हरियाणा | गुरुग्राम में विकास की रफ्तार के साथ रियल एस्टेट बाजार भी लगातार ऊँचाइयों को छू रहा है। सेविल्स इंडिया की गुरुग्राम आवासीय रिपोर्ट (2023-24), कुशमैन एंड वेकफील्ड एनसीआर अपडेट, स्क्वायर यार्ड्स और 99एकड़ जैसे प्रमुख मार्केट ट्रैकर्स के अनुसार, शहर का गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (GCER) बीते पाँच सालों में सबसे तेज़ी से उभरता हुआ रियल्टी कॉरिडोर बन गया है।
2019 में जहाँ यहाँ की प्रॉपर्टी कीमतें करीब ₹8,800 प्रति वर्ग फुट थीं, वहीं 2024 तक ये बढ़कर लगभग ₹20,267 प्रति वर्ग फुट तक पहुँच गईं। इस दौरान किराये के रेट में भी लगभग 18% की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट बताती है कि गुरुग्राम के प्रमुख माइक्रो-मार्केट्स—गोल्फ कोर्स रोड और एमजी रोड—में जहां किराये से 3.5% से 4% तक की रिटर्न मिलती है, वहीं GCER अब 4.2% से 4.7% तक की कमाई दे रहा है। इससे यह शहर के पुराने लक्ज़री कॉरिडोर को भी पीछे छोड़ चुका है।
सेक्टर-वार प्रॉपर्टी दामों में उछाल
डेटा से पता चलता है कि सेक्टर 63ए (अनंत राज एस्टेट, बिड़ला नव्या) में कीमतें 70% तक बढ़ीं। सेक्टर 65-66 (स्मार्टवर्ल्ड और M3M प्रोजेक्ट्स) ने 40-50% की वृद्धि दर्ज की, जबकि सेक्टर 61-62 जैसे पुराने क्षेत्रों में 30-35% का उछाल देखा गया।
एनआरआई और प्रोफेशनल्स की बढ़ती डिमांड
नाइट फ्रैंक इंडिया की वेल्थ रिपोर्ट (2024) और एनारॉक के लक्ज़री हाउसिंग अपडेट के अनुसार, GCER के लगभग 20-25% खरीदार एनआरआई हैं, जो अमेरिका, कनाडा और मध्य पूर्व से आते हैं। वहीं, 40% खरीदार गुरुग्राम और साउथ दिल्ली में कार्यरत आईटी और फाइनेंस सेक्टर के वरिष्ठ पेशेवर हैं। इसके अलावा, 10-12% खरीदार स्टार्टअप फाउंडर और कॉरपोरेट एग्जिक्यूटिव हैं, जो लग्ज़री आवास की तलाश में हैं।
रियल्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी, मास्टर-प्लान्ड इंफ्रास्ट्रक्चर और ब्रांडेड हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की वजह से खरीदारों की प्राथमिकता अब गोल्फ कोर्स रोड से गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की ओर शिफ्ट हो गई है।







