नूंह | आईएमटी रोजका मेव क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि को लेकर धरना दे रहे किसानों पर जिला प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। रात करीब 2 बजे पुलिस ने धरनास्थल से 32 किसानों को हिरासत में ले लिया, जबकि प्रशासन ने 20 किसानों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है। प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे 14 जुलाई को प्रस्तावित ब्रज मंडल शोभा यात्रा और कावड़ यात्रा को कारण बताया है।
पुलिस पर किसानों का आरोप
धरने पर बैठे किसान नेताओं ने प्रशासन पर जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने धरनास्थल से चारपाई, पानी की बोतलें, तंबाकू, टेंट और अन्य जरूरी सामान भी जब्त कर लिया।
किसानों का कहना है कि सरकार उनकी न्यायोचित मांगों को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही उन्हें जबरन हटाया गया हो, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। इस मुद्दे को लेकर किसान प्रतिनिधियों ने डीसी और एसपी से मुलाकात भी की है।
प्रशासन का पक्ष
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि किसानों के साथ संवाद किया गया, लेकिन सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसान दोबारा धरने पर बैठते हैं, तो फिर वैसी ही कार्रवाई दोहराई जाएगी।
डीसी ने कहा, “14 जुलाई को ब्रज मंडल शोभा यात्रा और कावड़ यात्रा प्रस्तावित है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। किसानों को इस बारे में पहले ही जानकारी दी गई थी।” उन्होंने यह भी बताया कि किसान संगठनों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत की सहमति दी है।
क्या है किसानों की मांग?
किसानों की मुख्य मांग है कि आईएमटी रोजका मेव में अधिग्रहित की गई जमीन का लंबित मुआवजा उन्हें जल्द से जल्द दिया जाए। उनका कहना है कि वे वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है।







