चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देने के लिए व्यापक औद्योगिक रणनीति पेश की है। सरकार की योजना राज्य को देश का अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने की है। इस दिशा में ‘मेक इन हरियाणा’ मिशन, प्रगतिशील नीतियां, सीधा औद्योगिक संवाद और बड़े बजट प्रावधान शामिल हैं, जिससे निवेश, नवाचार और रोजगार को बढ़ावा मिल सके।
‘मेक इन हरियाणा’ से वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग की तैयारी
केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ योजना की तर्ज पर राज्य ने ‘मेक इन हरियाणा’ अभियान शुरू किया है। इसका मकसद हरियाणा को वैश्विक डिज़ाइन और निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। नीति में उद्योगों के लिए सरल प्रक्रियाएं, बुनियादी ढांचे में निवेश और उद्यमों को बेहतर प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
औद्योगिक संवाद से बनेगा भरोसा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योग जगत से सीधा संवाद कर रही है। बजट से पहले उद्योगपतियों और MSME प्रतिनिधियों से व्यापक परामर्श लिए गए, जिससे बजट में उनकी मांगों को उचित जगह दी जा सके। यह संवाद राज्य में औद्योगिक विश्वास और स्थायित्व की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
129% बजट वृद्धि के साथ नई औद्योगिक नीति की घोषणा
सरकार ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के बजट में 129% की बढ़ोतरी कर इसे ₹1,848.12 करोड़ कर दिया है। साथ ही, मौजूदा औद्योगिक नीति को और अधिक आकर्षक व निवेशक-अनुकूल बनाने की योजना है, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों को लाभ मिल सके।
सेक्टोरल नीतियों के साथ लक्ष्यबद्ध निवेश
सरकार फार्मा, आईटी/आईटीईएस, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स, एनीमेशन, ई-वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों के लिए नई सेक्टोरल नीतियां ला रही है। इससे हरियाणा इन क्षेत्रों में उद्योगों के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा और राज्य में संतुलित विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और 10 नए IMT की योजना
आईएमटी खरखौदा की तर्ज पर 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप विकसित करने की तैयारी है। ये स्मार्ट औद्योगिक पार्क अत्याधुनिक तकनीक से युक्त होंगे, जिनमें AI, ऑटोमेशन, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं होंगी। इससे उद्योगों को तेज़ संचालन और बेहतर उत्पादकता मिलेगी।
श्रमिकों और उद्यमियों के लिए सुविधाएं
सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में 300 ‘अटल किसान मजदूर कैंटीन’ शुरू करेगी, जिससे श्रमिकों को सस्ते व पौष्टिक भोजन की सुविधा मिलेगी। साथ ही, राई, बावल और मानेसर में श्रमिक आवास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हर औद्योगिक एस्टेट में इन्क्यूबेशन सेंटर भी बनाए जाएंगे।
अमित अग्रवाल को मिली वाणिज्य विभाग की जिम्मेदारी
सरकार ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की कमान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमित अग्रवाल को सौंपी है। उनके नेतृत्व में औद्योगिक विकास की गति को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।







