फतेहाबाद | केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शनिवार को फतेहाबाद जिले के भूना खंड स्थित गोरखपुर गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने गोरखपुर अणु विद्युत परियोजना का निरीक्षण किया और संयंत्र निर्माण से जुड़ी एजेंसी NPCIL के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री खट्टर ने बताया कि संयंत्र में कुल 2800 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें 1400 मेगावाट की दो यूनिट 2031 और 2032 में क्रमशः शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को 2014 में स्वीकृति मिली थी। हालांकि, रेतीली जमीन और कुछ तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है।
खट्टर ने स्पष्ट किया कि इस अणु संयंत्र से उत्पन्न होने वाली कुल बिजली में से 50 प्रतिशत हरियाणा को दी जाएगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत केंद्र सरकार को मिलेगी। परियोजना की कुल लागत करीब 42 हजार करोड़ रुपए है।
उन्होंने यह भी बताया कि संयंत्र से जुड़े कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से आसपास के गांवों में 80 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को भी इस परियोजना का सीधा लाभ मिल सके।







