हरियाणा | हरियाणा सरकार ने युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत अब हरियाणा में एक विशेष MSME निदेशालय स्थापित किया गया है। इस निदेशालय के माध्यम से युवाओं को मिनी क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत 90 प्रतिशत तक अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी।
11 नए क्लस्टर होंगे विकसित
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 11 MSME क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर कुल 169.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें से 20.07 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिए जाएंगे। इस योजना के तहत अब तक 46 परियोजनाओं को 158 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
क्लस्टर प्लग एंड प्ले योजना भी क्रियान्वित
उन्होंने यह भी बताया कि क्लस्टर प्लग एंड प्ले योजना के अंतर्गत 33 परियोजनाओं को कुल 358.83 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिसमें सरकार ने 75.98 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की है।
उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति का भरोसा
MSME निदेशालय ने उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष रूपरेखा तैयार की है। बिजली कटौती के दौरान उत्पादन में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए यह योजना पूंजीगत व्यय पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
हरियाणा बनेगा निवेश का प्रमुख केंद्र
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए नई उद्यम विकास और क्षेत्रीय योजनाएं तैयार की जा रही हैं। नई उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत नवाचार, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे और सतत विकास सुनिश्चित होगा।







